पाठ 3: मानचित्र अध्ययन एवं आधुनिक तकनीकें
Map Reading, Toposheets, GIS, GPS & Remote Sensing | UPPSC | SSC
परिचय
मानचित्र (Map) एवं कार्टोग्राफी: एक विहंगावलोकन
- पृथ्वी की सतह या इसके एक भाग का पैमाने (Scale) के माध्यम से चपटी सतह (कागज या स्क्रीन) पर खींचा गया चित्र मानचित्र (Map) कहलाता है।
- मानचित्रों के विज्ञान और उन्हें बनाने की कला को मानचित्र कला (Cartography) कहा जाता है। टॉलमी (Ptolemy) और एनेक्सीमेंडर को प्राचीन मानचित्र कला का प्रणेता माना जाता है।
- विभिन्न प्रकार के मानचित्रों के संग्रह को एटलस (Atlas) कहा जाता है। एटलस का निर्माण सर्वप्रथम 'अब्राहम ओर्टेलियस' ने किया था।
मानचित्र के प्रकार
1. मानचित्रों के प्रमुख प्रकार (Types of Maps)
उद्देश्य और प्रदर्शित की जाने वाली जानकारी के आधार पर मानचित्रों को मुख्य रूप से बांटा जाता है:
- भौतिक मानचित्र: पर्वत, पठार, मैदान आदि दर्शाने वाले।
- राजनीतिक मानचित्र: देशों व राज्यों की प्रशासनिक सीमाएं दर्शाने वाले।
2. मानचित्र के घटक एवं आधुनिक तकनीकें
दूरी (Scale), दिशा और प्रतीक मानचित्र के तीन प्रमुख घटक हैं। इसके अलावा GIS और GPS ने मानचित्रण को डिजिटल कर दिया है।
| तकनीक / पैमाना | विवरण |
|---|---|
| निरूपक भिन्न (R.F.) | अंश और हर के रूप में दर्शाया गया पैमाना। |
| भुवन (Bhuvan) | ISRO द्वारा विकसित 3D जियो-पोर्टल। |