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पाठ 4: पृथ्वी की आंतरिक संरचना एवं चट्टानें

Earth's Interior, Seismic Waves, Rocks & Discontinuities | UPSC | UPPSC | SSC

परिचय

पृथ्वी की आंतरिक संरचना की जानकारी के स्रोत

चूंकि पृथ्वी की त्रिज्या लगभग 6,370 किमी है, अतः पृथ्वी के केंद्र तक पहुँचकर उसकी संरचना का प्रत्यक्ष अवलोकन करना असंभव है। इसलिए वैज्ञानिक इसके आंतरिक भाग की जानकारी मुख्य रूप से परोक्ष (अप्रत्यक्ष) स्रोतों पर निर्भर करते हैं।

  • प्रत्यक्ष स्रोत (Direct Sources): खदानों से प्राप्त चट्टानें, डीप ओसियन ड्रिलिंग प्रोजेक्ट (Kola Peninsula - 12 किमी) से प्राप्त सामग्री और ज्वालामुखी उद्गार (Volcanic Eruption) से निकला मैग्मा।
  • अप्रत्यक्ष स्रोत (Indirect Sources): उल्कापिंड (Meteorites), तापमान, दबाव, घनत्व में गहराई के साथ वृद्धि, गुरुत्वाकर्षण विसंगति (Gravity Anomaly), चुंबकीय सर्वेक्षण, और सबसे महत्वपूर्ण— भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves)
भूकंप विज्ञान

1. भूकंपीय तरंगों की प्रकृति एवं छाया क्षेत्र

पृथ्वी की आंतरिक संरचना को समझने का सबसे प्रामाणिक स्रोत भूकंपीय तरंगें हैं।

  • P-तरंगें: ठोस, द्रव, गैस तीनों में चलती हैं।
  • S-तरंगें: केवल ठोस में चलती हैं, तरल क्रोड में लुप्त हो जाती हैं।

2. पृथ्वी का रासायनिक वर्गीकरण

परत रासायनिक तत्व
सियाल सिलिका + एल्युमीनियम
निफे निकेल + लोहा

3. चट्टानें (Rocks)

जीवाश्म केवल अवसादी चट्टानों में पाए जाते हैं। आग्नेय चट्टानें मैग्मा से बनती हैं।