पाठ 3: मानव शरीर के तंत्र (Human Body Systems)
संपूर्ण रैपिड रिवीज़न नोट्स | NCERT आधारित | UPSC | UPPSC | UPSSSC
परिचय
मानव शरीर के तंत्र : एक विहंगावलोकन
- मानव शरीर एक अत्यंत जटिल और सुव्यवस्थित जैविक मशीन है, जिसमें विभिन्न अंग मिलकर विशिष्ट कार्यों को अंजाम देते हैं। अंग तंत्रों के सुचारु रूप से कार्य करने पर ही समस्थापन (Homeostasis) बना रहता है।
- मानव शरीर विज्ञान (Human Physiology) के अंतर्गत हम पाचन, श्वसन, परिसंचरण, उत्सर्जन, तंत्रिका नियंत्रण और अंतःस्रावी तंत्र का अध्ययन करते हैं।
- प्रतियोगी परीक्षाओं (UPPSC आदि) में मुख्य रूप से एंजाइम, हार्मोन, अंगों के विशिष्ट कार्य और उनसे संबंधित रोगों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
पाचन तंत्र
1. पाचन तंत्र (Digestive System)
पाचन वह प्रक्रिया है जिसमें जटिल अघुलनशील भोज्य पदार्थों को एंजाइमों की सहायता से सरल और घुलनशील अवस्था में बदला जाता है...
- मुख गुहा (Oral Cavity): लार में टायलिन (Ptyalin) नामक एंजाइम होता है, जो स्टार्च को माल्टोज में बदलता है।
- यकृत (Liver): यह मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है। यह पित्त रस का निर्माण करता है और यूरिया का संश्लेषण करता है।